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Saturday, 17 January 2026

जिला कांग्रेस अनूपपुर ने एक दिवस का उपवास कर किया धरना प्रदर्शन

 जिला कांग्रेस अनूपपुर ने एक दिवस का उपवास कर किया धरना प्रदर्शन


संस्कार गौतम अनूपपुर।

इंदौर के भागीरथपूरा में जहरीले पानी से हुई मौतों एवं महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में बदलाव कर काम के कानूनी अधिकार को समाप्त करने का किया विरोध, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का मांगा इस्तीफा, दोषी अधिकारी कर्मचारियों को बर्खास्त कर कानूनी कार्यवाही की मांग

कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज 17 जनवरी को इंदौर के दौरे पर रहेंगे, जहाँ वे दूषित पानी के कारण प्रभावित हुए परिवारों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करेंगे। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अनुसार इसी दिन मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी राज्य के हर जिले में एक विशेष विरोध प्रदर्शन और सामूहिक उपवास का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेतागण गांधी प्रतिमाओं के समक्ष धरना देंगे और भजन गाकर केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध करेंगे। विशेष रूप से मनरेगा योजना का नाम बदलने के विरोध में मोदी सरकार पर हमला बोला जाएगा और साथ ही इंदौर जल कांड के मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। 


इसी क्रम में जिला कांग्रेस कमेटी अनूपपुर जिलाध्यक्ष गुड्डू चौहान के अगुवाई में जिला मुख्यालय अनूपपुर के इंदिरा चौक के पास प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जहां पर कांग्रेस जनों ने महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में बदलाव कर काम के कानूनी अधिकार को समाप्त करने एवं इंदौर के भागीरथपूरा में जहरीले पानी से हुई मौतों को लेकर केंद्र एवं राज्य की भाजपा सरकार का जमकर विरोध किया गया। उपवास कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए सर्वप्रथम महात्मा गांधी जी के छाया चित्र पर एवं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इसके बाद जिलाध्यक्ष गुड्डू चौहान के साथ कांग्रेसजन इंदिरा चौक के पास जिलचित्सालय रोड पर लगे टेंट के नीचे सुबह 11 बजे से सायं 5 बजे तक के लिए धरने पर बैठ गए।


उपवास स्थल पर उपस्थित जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गुड्डू चौहान ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई 23 मौतों को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस त्रासदी के प्रति असंवेदनशील है और जिम्मेदार लोगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, यह घटना केवल प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि प्रशासनिक विफलता का परिणाम है।


उपवास स्थल मौजूद पर जिला पंचायत अध्यक्षा श्रीमती प्रीति रमेश सिंह ने भी मनरेगा में हुए बदलावों पर बात की। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने मनरेगा के नाम और मूल कानूनों में ऐसे संशोधन किए हैं, जिनसे गरीब मजदूरों को मिलने वाले अधिकार और लाभ कमजोर हुए हैं। उन्होंने कहा कि मनरेगा का मूल उद्देश्य ग्रामीण गरीबों को सम्मानजनक रोजगार प्रदान करना था, लेकिन मौजूदा सरकार की नीतियों से यह प्रभावित हुआ है।


उपवास के दौरान ही विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को द्वारा संबोधित करते हुए नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर भी निशाना साधा गया। श्री मार्को ने आरोप लगाया कि मंत्री अहंकारी हैं और उन्हें इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि भागीरथपुरा हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल सेवा से बर्खास्त कर उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाए।


कांग्रेसियों ने इंदौर त्रासदी के पीड़ित परिवारों को 50-50 लाख रुपये का मुआवजा देने की भी मांग की। उपवास के माध्यम से सरकार को चेतावनी दी गई कि यदि मनरेगा के मूल स्वरूप को बहाल नहीं किया गया और जल त्रासदी के दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। कांग्रेस का मानना है कि भाजपा की मानसिकता महात्मा गांधी के विचारों के विपरीत है। इसलिए पार्टी ने मांग की कि मनरेगा योजना और उसके मूल कानूनों को बिना किसी बदलाव के लागू किया जाना चाहिए।



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